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भारतीय रेल की स्थापना और राष्ट्रीयकरण | bhartiya rail ki sthapna kab hui thi

भारतीय रेल की स्थापना कब हुई:- भारतीय रेल भारत में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण रेलवे संगठन है। भारतीय रेल संघ का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। भारतीय रेलवे द्वारा प्रशासित किए जाने वाले ट्रेन सेवाओं की संख्या बहुत बड़ी है और यह पूरे देश के लगभग सभी भागों को कवर करता है।

यह भारतीय रेलवे सबसे बड़ा निर्माण कार्यक्रम है, जिसमें करीब 7 लाख से अधिक कर्मचारी मेहनत करते हैं। भारतीय रेलवे मुख्यतः पैसेंजर रेल यात्रा, माल और उपयोगिता सेवाओं को आपूर्ति करता है। यह लगभग 13,000 से अधिक स्टेशनों पर ट्रेन सेवाएं प्रदान करता है।

भारतीय रेल हर वर्ष करीब 2 करोड़ यात्रीयों को ले जाता है, जिससे यह दुनिया का सबसे भारी यात्री रेलवे है।

bhartiya rail ki sthapna kab hui thi
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भारतीय रेलवे अपने पुराने और नवीनीकृत रेलगाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर एक्सप्रेस ट्रेनें, राजधानी ट्रेनें, शताब्दी ट्रेनें, जनशताब्दी ट्रेनें, सामान्य ट्रेनें, उपनगरीय ट्रेनें, जिंकल ट्रेनें, जैसी विभिन्न प्रकार की ट्रेनें ऑपरेट की जाती हैं।

भारतीय रेलवे ने भारत के विभिन्न शहरों को एक साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और देश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह एक महत्वपूर्ण रोजगार का स्रोत भी है और भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सहायता प्रदान करता है।

भारतीय रेलवे ने भारत में विदेशी पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रमुख योगदान दिया है और पश्चिमी दुनिया में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। भारतीय रेलवे ने विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष ट्रेनें, पैकेज यात्राएं और रेलयात्राएं छापने में विशेष रुचि दिखाई है।

भारतीय रेलवे यातायात सुविधाएं भारत में जनता के लिए आवश्यक सुविधाओं में से एक हैं। इसकी प्रगति और उन्नति देश के यातायात तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारतीय रेलवे का उद्देश्य है भारत के सभी हिस्सों को एक साथ जोड़ना, उद्योग और आपूर्ति तंत्रों को सुधारना, लोगों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करना और राष्ट्रीय विकास में योगदान करना।

भारतीय रेल की स्थापना कब हुई

16 अप्रैल 1853 को पूर्ण रूप से भारतीय रेल की स्थापना हुई थी। लेकिन भारतीय रेल की नींव की शुरुवात काफी समय पहले तय की जा रही थी इसे हम आपको विस्तार से बताने जा रहे है।

भारतीय रेल का इतिहास -

भारत में रेलवे के लिए पहली बार प्रस्ताव मद्रास में 1832 में किए गए थे भारत में पहली ट्रेन १८३७ में मद्रास में लाल पहाड़ियों से चिंताद्रीपेत पुल (लिटिल माउंट)तक 25किमी चली थी।

इसे आर्थर कॉटन द्वारा सड़क-निर्माण के लिए ग्रेनाइट परिवहन के लिए बनाया गया था| इसमें विलियम एवरी द्वारा निर्मित रोटरी स्टीम लोकोमोटिव प्रयोग किया गया था।

8 मई 1845 को, मद्रास रेलवे की स्थापना की गई, उसके बाद उसी वर्ष ईस्ट इंडिया रेलवे की स्थापना की गई। 1अगस्त 1849 में ग्रेट इंडियन प्रायद्वीपीय रेलवे (GIPR) की स्थापना की गई संसद के एक अधिनियम द्वारा।

1851 में रुड़की में सोलानी एक्वाडक्ट रेलवे बनाया गया था। इसका नाम थॉमसन स्टीम लोकोमोटिव द्वारा रखा गया था, जिसका नाम उस नाम के एक ब्रिटिश अधिकारी के नाम पर रखा गया था।

रेलवे ने सोलानी नदी पर एक एक्वाडक्ट के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाई। 1852 में, मद्रास गारंटी रेलवे कंपनी की स्थापना की गई।

सन् 1850 में ग्रेट इंडियन प्रायद्वीपीय रेलवे कम्पनी ने बम्बई से थाणे तक रेल लाइन बिछाने का कार्य प्रारम्भ किया गया था। सन् 1853 में बहुत ही मामूली शुरूआत से जब पहली प्रवासी ट्रेन ने मुंबई से थाणे तक (34 कि॰मी॰ की दूरी) की दूरी तय की थी।

भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण कब हुआ

भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद, 28 अप्रैल 1951 को हुआ था। उस समय भारतीय रेल को ब्रिटिश सरकार द्वारा संचालित किया जाता था।